Saturday, April 13, 2024
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Chandrayaan 3 : इतिहास रचने को तैयार भारत ! जाने मिशन से जुडी अहम् बातें,क्या है ख़ास

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Highlights

  • ISRO ने पूरी की तैयारी,मुठ्ठी में होगा चांद! 
  • चंद्रमा के रहस्यों से पर्दा उठाएगा मून मिशन
  • चंद्रयान-3 के साथ नहीं जाएगा ऑर्बिटर
  • चंद्रयान-3 भारत के वैज्ञानिक और अंतरिक्ष अनुसंधान क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण कदम

आज है लॉन्चिंग (Today is launching)

Chandrayan 3 Launching : 615 करोड़ की लागत से तैयार हुआ मून मिशन करीब 50 दिन की यात्रा के बाद चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास लैंडिंग करेगा। लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर(Satish Dhawan Space Center) के लॉन्च पैड 2 से दोपहर 2 बजकर 35 मिनट पर लॉन्च होगा. ये भारत का तीसरा मून मिशन(India’s third moon mission) है चंद्र मिशन’ साल 2019 के ‘चंद्रयान-2’ का फॉलोअप मिशन है।

चंद्रयान 3 क्यूँ है खास (Why is Chandrayaan 3 special)

 चंद्रयान-3 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा विकसित किया गया एक महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशन है। यह भारत का तीसरा चंद्रयान मिशन है जिसका मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर एक रोवर प्रेषित करके वैज्ञानिक अनुसंधान करना है। चंद्रयान-3 मिशन एक महत्वपूर्ण पहल है जिसके माध्यम से भारत अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र में अपनी प्रगति और महत्त्वपूर्ण योगदान को दिखा रहा है।

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चंद्रयान-3 के विकास का कार्य चंद्रयान-2 मिशन के उत्कृष्टतम परिणामों के बाद शुरू हुआ। चंद्रयान-2 ने चंद्रमा के अत्यंत सफल लैंडिंग मोमबईकर क्रेटर क्षेत्र में की थी, जहां चंद्रयान-1 ने संभावित बहुतांकित जीवन की निशानी देखने की संभावना प्रदर्शित की थी।
चंद्रयान-3 का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर एक रोवर भेजकर उसकी खोज और वैज्ञानिक अध्ययन करना है। रोवर को लैंडर से छूने के बाद, यह चंद्रमा की सतह के प्रत्येक क्षेत्र में जाएगा और मौजूदा ग्राह्य सूचनाओं को अध्ययन करेगा। इससे चंद्रमा की सतह, उसका भूकंपित इतिहास, अतिसूक्ष्म खनिजों की खोज, उसके तापमान और पानी की मौजूदगी, रेडिओधर्मी नक्शा आदि के बारे में ज्ञान मिलेगा।

चंद्रयान-3 में उपयोग होने वाला रोवर वाहन उन्नत तकनीकी प्रगति और अनुभव के साथ होगा लैस(The rover vehicle used in Chandrayaan-3 will be equipped with advanced technological advancements and experience)

चंद्रयान-3 में उपयोग होने वाला रोवर वाहन उन्नत तकनीकी प्रगति और अनुभव के साथ लैस होगा। यह रोवर ग्राह्य सूचनाओं को संग्रह करने के लिए उपकरणों के साथ सुसज्जित होगा और उसकी संचालन का नियंत्रण धरती से होगा। चंद्रयान-3 की मार्ग-सूची और संचार प्रणाली उसे चंद्रमा के अलावा धरती से भी जोड़ेगी ताकि अवकाशों में सुरक्षित रूप से विचार-विमर्श किया जा सके।
चंद्रयान-3 मिशन के लिए भारतीय वैज्ञानिकों ने मिशन के विभिन्न पहलुओं की योजना बनाई है और तकनीकी चुनौतियों का सामना किया है। मिशन के लिए आवश्यक अनुप्रयोगों का विकास और परीक्षण किया जा रहा है ताकि यह मिशन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

चंद्रयान-3 भारत के वैज्ञानिक और अंतरिक्ष अनुसंधान क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण कदम(Chandrayaan-3 an important step in India’s scientific and space research field)

चंद्रयान-3 भारत के वैज्ञानिक और अंतरिक्ष अनुसंधान क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। यह मिशन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है और चंद्रमा की अध्ययन के लिए नए और महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगा। इसके अलावा, इस मिशन से भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन करता है और यह उम्मीद है कि इससे भारत की गौरवशाली अंतरिक्ष मिशनों की श्रृंखला को और भी ऊंचाईयों तक ले जाया जा सकेगा।

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